हमारी दृष्टि
ऐसे संस्कारित, स्वस्थ और राष्ट्रनिष्ठ समाज का निर्माण, जहाँ प्रत्येक युवा अपनी प्रतिभा को पहचानकर अनुशासन व सेवा भाव के साथ आगे बढ़े।
॥ श्री राम जय राम जय जय राम ॥
श्री राम प्रतियोगिता समिति बच्चों और युवाओं को खेल, ज्ञान एवं राष्ट्रसेवा के माध्यम से चरित्रवान, अनुशासित और आत्मनिर्भर बनाने के लिए समर्पित है।
हमारा ध्येय स्वस्थ युवा, श्रेष्ठ समाज
श्री राम प्रतियोगिता समिति की स्थापना 15 अगस्त 2015 को बच्चों और युवाओं में नैतिक मूल्यों, अनुशासन, खेल भावना, देशभक्ति तथा सामाजिक समरसता के विकास के उद्देश्य से हुई।
समिति विविध खेल एवं ज्ञान प्रतियोगिताओं के माध्यम से प्रतिभाओं को पहचान, अभ्यास और सम्मान का मंच प्रदान करती है। हमारा प्रयास युवाओं को नशामुक्त, स्वस्थ एवं जागरूक जीवन के लिए प्रेरित करना तथा शहीदों और राष्ट्रनायकों के प्रति सम्मान की भावना को सुदृढ़ करना है।
स्थापना से अब तक 60 से अधिक प्रतियोगिताओं का सफल आयोजन समिति के सामूहिक संकल्प, पारदर्शिता और समाज के विश्वास का प्रमाण है।
हर गतिविधि के केंद्र में चरित्र, स्वास्थ्य और राष्ट्रहित की भावना।
ऐसे संस्कारित, स्वस्थ और राष्ट्रनिष्ठ समाज का निर्माण, जहाँ प्रत्येक युवा अपनी प्रतिभा को पहचानकर अनुशासन व सेवा भाव के साथ आगे बढ़े।
ग्रामीण एवं स्थानीय प्रतिभाओं को निष्पक्ष प्रतियोगिताओं, सतत मार्गदर्शन और प्रेरक मंचों के माध्यम से विकास के समान अवसर प्रदान करना।
नैतिकता, मर्यादा, अनुशासन, निष्पक्षता, सामाजिक समरसता और राष्ट्रप्रेम—यही हमारे प्रत्येक आयोजन की आधारशिला हैं।
शारीरिक दक्षता से बौद्धिक विकास तक—हर आयु के प्रतिभागियों के लिए विविध एवं प्रेरक प्रतियोगिताएँ।
गति, सहनशक्ति और आत्मविश्वास का उत्सव।
रणनीति, संयम और टीम भावना का खेल।
फुर्ती, तालमेल और लक्ष्य पर एकाग्रता।
समन्वय और सामूहिक प्रयास की पहचान।
तेज निर्णय और सटीक नियंत्रण का अभ्यास।
साहस, चपलता और भारतीय खेल परंपरा।
बल, अनुशासन और सम्मान का संगम।
शक्ति, संतुलन और उत्कृष्ट तकनीक।
एकाग्रता और शारीरिक नियंत्रण की परीक्षा।
गति और साहस से सीमाओं को लाँघना।
ऊँचे लक्ष्य और निरंतर अभ्यास की उड़ान।
स्वस्थ शरीर, स्थिर मन और संतुलित जीवन।
जिज्ञासा, जागरूकता और बौद्धिक क्षमता का विस्तार।
मर्यादा, शौर्य, ज्ञान और राष्ट्रसेवा की वे विभूतियाँ, जिनका जीवन हर पीढ़ी के लिए प्रेरणा है।

मर्यादा, सत्य, करुणा और आदर्श नेतृत्व के शाश्वत प्रतीक।
“धर्म और कर्तव्य के मार्ग पर अडिग रहना ही सच्ची विजय है।”

स्वाभिमान, अदम्य साहस और मातृभूमि की स्वतंत्रता के महान योद्धा।
“सम्मान से किया गया संघर्ष ही जीवन को गौरव देता है।”

कुशल रणनीतिकार, न्यायप्रिय शासक और स्वराज के प्रणेता।
“दृढ़ संकल्प हो तो कठिन लक्ष्य भी प्राप्त किया जा सकता है।”

युवा शक्ति, आत्मविश्वास और भारतीय अध्यात्म के विश्वदूत।
“उठो, जागो और लक्ष्य प्राप्ति तक रुको मत।”

निर्भीक क्रांतिकारी, प्रखर विचारक और सर्वोच्च बलिदान के प्रतीक।
“महान उद्देश्य के लिए साहस और विचार दोनों आवश्यक हैं।”

अटूट संकल्प और स्वाधीनता के लिए समर्पित वीर सेनानी।
“स्वतंत्रता आत्मसम्मान का सर्वोच्च स्वरूप है।”

संगठित शक्ति, राष्ट्रभक्ति और साहसी नेतृत्व की अनुपम मिसाल।
“तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आज़ादी दूँगा।”

महान वैज्ञानिक, जनप्रिय राष्ट्रपति और युवाओं के प्रेरक शिक्षक।
“सपने वे हैं जो आपको सोने नहीं देते।”

अनुशासन, साधना और भारतीय हॉकी की उत्कृष्टता के विश्वविख्यात प्रतीक।
“निरंतर अभ्यास ही प्रतिभा को महानता में बदलता है।”
प्रतियोगिताओं, सम्मान समारोहों और सामुदायिक आयोजनों के प्रेरक क्षण। मूल तस्वीरें उपलब्ध होने पर यहाँ जोड़ी जा सकती हैं।





समिति की गतिविधियों, सहयोग अथवा अन्य जानकारी के लिए हमसे संपर्क करें।
WhatsApp पर संदेश भेजेंपताश्री राम प्रतियोगिता समिति
प्राचीन शिव मंदिर, रसूलगढ़
बुलंदशहर, उत्तर प्रदेश – 203396
WhatsApp+91 94123 35099